Thursday, October 22nd, 2026

राजस्व, पुलिस व खनिज अधिकारी सुलझाएंगे रेत ठेकेदारों की समस्याएं

भोपाल
प्रदेश में रेत के वैध ठेकेदारों की समस्या का निराकरण करने के लिए हर जिले में कलेक्टर काम करेंगे। इसके लिए खासतौर पर राजस्व, पुलिस और खनिज महकमे के अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करने और उन्हें वैध ठेकेदारों की समस्या निराकृत कराने के लिए कहा गया है।

राज्य शासन ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।  खनिज साधन विभाग ने रेत ठेकेदारों की समस्याओं और ओवरलोडिंग की दिक्कतों को लेकर पिछले माह सामने आए मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि खनिज परिवहन के लिए जो वाहन निर्माता कम्पनी वाहन की जो भी भार क्षमता तय की है, उससे अधिक क्षमता का रेत या अन्य खनिज वाहन में लोड पाया जाएगा तो कार्यवाही होगी। कलेक्टर यह ध्यान रखेंगे कि रेत खनिज वाहन के लिए घोषित लोड के आधार पर ही हो।

कलेक्टरों से यह भी कहा गया है कि रेत खनिज के वैध ठेकेदारों की समस्या हल करने के लिए राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग तत्परता से कार्यवाही करेंगे। इसके अलावा एक जिले से दूसरे जिले में रेत खनिज का परिवहन होने की स्थिति में वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 16 जनवरी को रेत खनिज ठेकेदारों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानी थीं। इस दौरान ठेकेदारों ने कई समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया था। इसके बाद खनिज साधन विभाग ने तीन समस्याओं के निराकरण को लेकर कलेक्टरों को पत्र लिखा है।

खदानों के लिए पर्यावरणीय अनुमति जारी करने का काम अब कलेक्टर कर सकेंगे। संचालक भौमिकी और खनिकर्म द्वारा कलेक्टरों को इसकी जानकारी देते हुए जिला स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि कलेक्टर 45 दिन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुमति जारी कर सकेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की एनओसी के बाद कलेक्टर एकल प्रमाण पत्र भी जारी कर सकेंगे। सिया के सदस्य सचिव द्वारा इसको लेकर जारी गाइडलाइन में 500 मीटर की परिधि में दूसरी खदान होने को लेकर भी निर्देश दिए हैं, कलेक्टर इसके निर्देश का भी पालन करा सकेंगे।

 

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Source : Agency

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